सर्दियों में भीगे बादाम बनाम कच्चे बादाम: क्या है ज्यादा फायदेमंद? एक्सपर्ट से जानें खाने का सही तरीका

 सर्दियों में रोजाना बादाम खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। बादाम को पोषक तत्वों का खजाना कहा जाता है, लेकिन अक्सर एक दुविधा रहती है: आखिर बादाम को भिगोकर खाना चाहिए या फिर कच्चा? खासकर सर्दी के मौसम में यह सवाल और भी अहम हो जाता है। इसका सही जवाब जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. शरद कुलकर्णी से बात की। आइए जानते हैं सर्दी में बादाम खाने का सही तरीका और फायदे।



सर्दी में क्या खाएं: भीगे हुए बादाम या कच्चे?

आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. शरद कुलकर्णी के अनुसार, सर्दी के मौसम में भीगे हुए बादाम खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। उन्होंने बताया कि बादाम की तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दी में इसका सेवन फायदा पहुंचाता है। हालांकि, अगर आप कच्चे बादाम खाते हैं, तो यह शरीर में पित्त दोष को बढ़ा सकते हैं। इसलिए बादाम को हमेशा भिगोकर ही खाना चाहिए। भीगे हुए बादाम पचने में आसान होते हैं और शरीर को इनके पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।

बादाम को भिगोकर खाने के क्या हैं फायदे?

भीगे बादाम खाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं:

बेहतर पोषण अवशोषण: बादाम के छिलके में टैनिन नामक तत्व पाया जाता है जो पोषक तत्वों के अवशोषण में रुकावट डाल सकता है। भिगोने के बाद छिलका आसानी से उतर जाता है, जिससे पोषण शरीर को आसानी से मिल जाता है।

आसान पाचन: भीगे हुए बादाम पचने में हल्के होते हैं और पेट पर भारी नहीं पड़ते। यह पाचन तंत्र के लिए ज्यादा अच्छे माने जाते हैं।

पोषक तत्वों की प्राप्ति: भिगोने से बादाम में मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर के लिए ज्यादा आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

बादाम खाने का सही तरीका क्या है?

डॉ. कुलकर्णी के मुताबिक, बादाम खाने का सबसे अच्छा तरीका यह है:

रोजाना रात में 4-5 बादाम को साफ पानी में भिगो दें।

सुबह उठकर बादाम का छिलका उतार दें और इन्हें चबा-चबा कर खाएं।

एक और बेहतरीन विकल्प यह है कि भीगे हुए बादाम को दूध के साथ उबालकर सेवन करें। इससे इसकी गर्म तासीर थोड़ी कम हो जाती है और यह और भी ज्यादा पौष्टिक बन जाता है। बच्चों को बादाम खिलाने का यह सबसे अच्छा तरीका है।

सर्दी में बादाम खाने के 5 मुख्य फायदे

इम्यूनिटी बूस्टर: बादाम में मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी seasonal बीमारियों का खतरा कम होता है।

शरीर को गर्मी प्रदान करे: बादाम की गर्म तासीर सर्दी के मौसम में शरीर को अंदरूनी गर्मी देने का काम करती है।

सूजन कम करने में सहायक: इसमें मौजूद फ्लेवोनॉयड्स शरीर में सूजन को कम करने में मददगार होते हैं।

हड्डियों को मजबूती: बादाम कैल्शियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखता है।

दिमाग के लिए टॉनिक: बादाम को ब्रेन फूड माना जाता है। इसके नियमित सेवन से याददाश्त तेज करने और दिमागी स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है।

कच्चे और भीगे बादाम में अंतर (तुलना)

कच्चे बादाम

भीगे बादाम

पचने में भारी होते हैं।

पचने में आसान और हल्के होते हैं।

छिलके में टैनिन होने से पोषण कम मिल पाता है।

छिलका उतर जाने से पोषण का अवशोषण बेहतर होता है।

पित्त दोष को बढ़ा सकते हैं।

वात और कफ दोष को संतुलित करते हैं।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह: सर्दी हो या गर्मी, बादाम को हमेशा भिगोकर ही खाना चाहिए। इससे न सिर्फ इसके पोषक तत्वों का पूरा फायदा मिलता है बल्कि पाचन संबंधी कोई समस्या भी नहीं होती।

डिस्क्लेमर: यह लेख आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह पर आधारित है। किसी भी नए आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपने चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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